साल 2019 का दूसरा ग्रहण 21 जनवरी को लगने वाला है. बता दें कि यह साल का पहला पूर्ण चंद्रगहण है. भारतीय समयानुसार ये 20 जनवरी को सुबह 10 बजे से शुरू होकर 21 जनवरी की शाम 3:33 बजे पर खत्म होगा जिसके बाद कुल चंद्रग्रहण रात 11:41 बजे से शुरू होगा. ज्योतिषियों के अनुसार इसका असर सभी जातकों पर राशि अनुसार अलग-अलग पड़ेगा. सिर्फ इतना ही नहीं हिंदू धर्म के अनुसार मान्यता है कि हर ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए. माना जाता है कि ग्रहण के समय निकलने वाली दूषित किरणें गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरा असर डालती हैं. किसी भी ग्रहण का असर पूरे 108 दिनों तक रहता है. इसके चलते ग्रहण का असर गर्भवती महिलाओं के होने वाले बच्चे पर पड़ सकता है. इस तथ्य के पीछे कुछ धार्मिक तो कुछ वैज्ञानिक कारण बताए जाते हैं. आइए जानते हैं क्या करके आप ग्रहण के असर को कम कर सकते हैं. बाहर न जाएं चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं बाहर न निकलें. ऐसा माना जाता है कि गर्भवती महिला अगर ग्रहण देख लेती है तो उसका सीधा असर उसके होने वाले बच्चे की शारीरिक और मानसिक सेहत पर पड़ता है. इसकी वजह से बच्चा गंदे लाल चिन्हों के साथ पैदा होता है. जन्म के बाद बच्चे के शरीर पर कोई न कोई दाग जरूर पड़ जाता है. नुकीली चीजों से दूर रहें ग्रहण के दौरान गर्भवती स्त्रियों को किसी भी नुकीली चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जैसे चाकू, कैंची, सूई आदि. शास्त्रों में यह भी कहा जाता है कि न सिर्फ गर्भवती महिलाएं बल्कि उनके पति भी इस समय इन चीजों का इस्तेमाल करने से बचें. ऐसा माना जाता है कि इन चीजों का इस्तेमाल करने से उनके बच्चों के अंगों को हानि पहुंच सकती है. ग्रहण के समय बना भोजन खाने से बचें ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को इस समय बना कुछ भी खाना पीना नहीं चाहिए. कहा जाता है कि इस समय पड़ने वाली हानिकारक किरणें खाने को दूषित कर देती हैं. ऐसे में अगर घर पर खाना बना हो तो उसमें तुरंत तुलसी के पत्ते डाल दें और ग्रहण खत्म होने के बाद उन्हें निकाल दें. ऐसा करने से ग्रहण के बाद भी खाना शुद्ध रहता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद जरूर नहाएं मान्यता है कि ग्रहण खत्म होने के बाद गर्भवती महिलाओं को जरूर नहा लेना चाहिए वरना उसके बच्चे को त्वचा संबंधी रोग हो सकता है. ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिला को तुलसी का पत्ता जीभ पर रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए. ग्रहण के बाद पूजा करें मान्यता है कि ग्रहण खत्म होने के बाद गर्भवती महिलाओं को नहा धोकर पूजा करनी चाहिए. प्रेग्नेंट महिलाएं हनुमान जी और शिव-पार्वती की पूजा जरूर करें क्योकि ऐसा करने से गर्भ में पल रहा शिशु हर कष्ट से दूर रहता है. उसे किसी प्रकार का भयानक रोग नहीं होता. साथ ही उसका शरीर भी अच्छी तरह से विकसित होता है.
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