आरक्षण का मुद्दा इन दिनों छाया हुआ है. लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर इस आरक्षण का किस जगह कितना फायदा मिला रहा है, बड़े सरकारी संस्थानों, अलग-अलग विभागों और यूनिवर्सिटियों में आरक्षण को लेकर क्या स्थिति है? इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी और ओबीसी कैटेगरी के लोगों को पूरी तरह से आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है. लेकिन मुख्य सरकारी बैंकों और संस्थानों में आरक्षण को लेकर स्थिति दूसरी है. यहां रिजर्व कैटेगरी के लोगों को जितना आरक्षण मिलना चाहिए, उससे भी ज्यादा मिल रहा है. संविधान में एससी के लिए 15 फीसद, एसटी के 7.5 फीसद और ओबीसी के लिए 27 फीसद कोटा तय किया गया है. लेकिन कई सरकारी बैंकों और बड़ी सरकारी कंपनियों में इन्हें तय प्रतिशत से भी ज्यादा आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है. एसबीआई, पीएनबी, आईडीबीआई समेत देश के प्रमुख 13 बैंकों में एससी कैटेगरी के ऑफिसर्स तय प्रतिशत से ज्यादा हैं. लेकिन ज्यादातर बैंकों में ओबीसी कैटेगरी के लोग 20 प्रतिशत के आसपास हैं. जब कि उन्हें 27 प्रतिशत कोटा दिया जाता है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की बात करें तो यहां सिर्फ 6,908 ऑफिसर्स में से सिर्फ 13.81 प्रतिशत ही ओबीसी कैटेगरी के हैं, जब कि एससी कैटेगरी के 14.93 और एसटी कैटेगरी के 6.31 प्रतिशत ऑफिसर्स हैं. वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) की कंपनियों में भी आंकड़े वही स्थिति दोहराते हैं, जो कि बैंकिंग सैक्टर में सामने आई है. यहां भी एससी और एसटी कैटेगरी के लोगों को तय प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण का लाभ मिल रहा है, जब कि ओबीसी कैटेगरी के ऑफिसर्स की संख्या काफी कम है.
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