साल 2017 में अमरनाथ श्रद्धालुओं पर हुए हमले को लेकर नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) ने बड़ा खुलासा किया है. NIA ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमरनाथ श्रद्धालुओं पर हमला करने के लिए जम्मू कश्मीर से पीडीपी के पूर्व विधायक ऐजाज अहमद मीर की गाड़ी इस्तेमाल की गई थी. ये हमला दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग के बटेंगू इलाके के पास श्रीनगर-जम्मू हाइवे पर हुआ था. इस हमले में आतंकवादी एक बस में बैठकर श्रद्धालुओं पर अंधाधुंध फायरिंग कर फरार हो गए थे. इस हमले में 7 लोगों की मौत हो गई थी जबकि करीब 20 लोग घायल हुए थे. न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले को लेकर NIA के DSP रविंद्र ने जम्मू कश्मीर पुलिस को चिट्ठी भी लिखी है. इस चिट्ठी में बताया गया है कि मीर का अलगाववादियों के लिए झुकाव है और अमरनाथ श्रद्धालुओं पर हमला करने के लिए उनकी एक गाड़ी इस्तेमाल की गई थी. इसी के साथ जांच एजेंसी ने पूर्व विधायक के 'क्राइम रिकॉर्ड' और 'इंटीग्रटी रिपोर्ट' भी की मांग की है. NIA के खुलासे पर क्या बोले मीर? वहीं NIA के इस खुलासे पर प्रतिक्रिया देते हुए मीर ने कहा है कि' वे किसी भी जांच के लिए राजी हैं'. उन्होंने कहा, NIA जांच कर ले, मैं हर तरह से सहयोग दूंगा. वहीं जब उनसे अलगाववादियों को लेकर झुकाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके परिवार को 1994 में पलायन करने के लिए मजबूर किया गया क्योंकि उनके पिता चुनाव लड़े थे. मीर ने कहा, 'हमारा परिवार तब से चुनाव लड़ रहा है और उस वजह से हमें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. अगर एजेंसी को जांच करनी है तो कर ले, लेकिन NIA के ऐसे बयान हमारा उनपर विश्वास कमजोर करते हैं. रिपोर्ट के मुताबक अमरनाथ श्रद्धालुओं हमले के कुछ दिनों बाद, पुलिस ने मीर के ड्राइवर, तौसीफ अहमद वानी को गिरफ्तार किया था, गिरफ्तारी के समय, पुलिस ने आरोप लगाया था कि वह आतंकवादियों से 'जुड़ा हुआ' था. वहीं पिछले साल 28 सितंबर को, एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ), आदिल बशीर,जो पूर्व-विधायक के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) के रूप में तैनात थे, अपने सहयोगियों के सात राइफल और मीर की निजी पिस्तौल लेकर फरार हो गया था. मीर ने बताया था कि घटना के समय वो जम्मू में थे. बाद में खबर आई की अदिल आतंकवादियों के साथ जुड़ गया है. उसने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीर भी शेयर की थी. बताया जा रहा है कि अदिल पुलिस में भर्ती होने से पहले पीडीपी का कार्यकर्ता था और मीर के चुनाव प्रचार में शामिल था. इस घटना के बाद सुरक्षा अधिकारी कश्मीर में काफी ज्यादा अलर्ट हो गए थे. इसके अलावा मीर पिछले साल एक बार और विवादों में फंस गए थे जब, उन्होंने मारे गए आंतकवादी को 'शहीद' बताया था. उस वक्त बीजेपी ने उनके इस बयान की काफी आलोचना की थी. मीर दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के वाची निर्वाचन क्षेत्र से विधायक थे.
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