ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक वनडे सीरीज जीत के हीरो एमएस धोनी की शानदार बल्लेबाजी की मुरीद विरोधि खेमा भी हो गया है. कंगारू कोच कोच जस्टिन लैंगर ने धोनी की तारीफ करते हुए उन्हें सुपरस्टार और सर्वकालिक महान क्रिकेटरों में से एक बताया है. लैंगर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,‘ धोनी 37 साल के हैं लेकिन विकेटों के बीच उसकी दौड़ और फिटनेस गजब की है. लगातार तीन दिन विकेटों के बीच इस तरह दौड़ना और वह भी 40 डिग्री तापमान में और ऐसा खेलना. वह खेल के सुपरस्टार है जो ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को बनने की कोशिश करनी चाहिए’.’ उन्होंने कहा, ‘ एम एस धोनी, विराट कोहली और टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा. ये सभी आदर्श हैं. एम एस धोनी का तो रिकॉर्ड बतौर कप्तान, बल्लेबाज और विकेटकीपर उनकी काबिलियत बताता है. वह महानतम क्रिकेटर हैं और ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ हारना दुखद है लेकिन उनके खिलाफ खेलना फख्र की बात है.’ हालांकि इस मैच में धोनी को 0 और 74 के स्कोर पर जीवनदान मिले और लैंगर ने इसे ही हार की वजह बताया.उन्होंने कहा, ‘ दो बार एम एस धोनी का कैच छोड़ने से कोई मैच नहीं जीत सकता. हम मैच विनर्स की बात करते हैं जो उन्होंने फिर बनकर बताया. यह हमारे बल्लेबाजों के लिये सबक था. युवाओं को उनसे सीखना चाहिए.’
Saturday, 19 January 2019
IND vs AUS: हार के बाद धोनी को सुपरस्टार मान रहे हैं कंगारू कोच
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक वनडे सीरीज जीत के हीरो एमएस धोनी की शानदार बल्लेबाजी की मुरीद विरोधि खेमा भी हो गया है. कंगारू कोच कोच जस्टिन लैंगर ने धोनी की तारीफ करते हुए उन्हें सुपरस्टार और सर्वकालिक महान क्रिकेटरों में से एक बताया है. लैंगर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,‘ धोनी 37 साल के हैं लेकिन विकेटों के बीच उसकी दौड़ और फिटनेस गजब की है. लगातार तीन दिन विकेटों के बीच इस तरह दौड़ना और वह भी 40 डिग्री तापमान में और ऐसा खेलना. वह खेल के सुपरस्टार है जो ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को बनने की कोशिश करनी चाहिए’.’ उन्होंने कहा, ‘ एम एस धोनी, विराट कोहली और टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा. ये सभी आदर्श हैं. एम एस धोनी का तो रिकॉर्ड बतौर कप्तान, बल्लेबाज और विकेटकीपर उनकी काबिलियत बताता है. वह महानतम क्रिकेटर हैं और ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ हारना दुखद है लेकिन उनके खिलाफ खेलना फख्र की बात है.’ हालांकि इस मैच में धोनी को 0 और 74 के स्कोर पर जीवनदान मिले और लैंगर ने इसे ही हार की वजह बताया.उन्होंने कहा, ‘ दो बार एम एस धोनी का कैच छोड़ने से कोई मैच नहीं जीत सकता. हम मैच विनर्स की बात करते हैं जो उन्होंने फिर बनकर बताया. यह हमारे बल्लेबाजों के लिये सबक था. युवाओं को उनसे सीखना चाहिए.’
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