गैर-फिल्म पृष्ठभूमि से आने वाली अभिनेत्रियों के लिए दो शब्द परेशानी का सबब साबित होते हैं. आपने सही पहचाना. एक है पेट्रियॉकी जिसे हिंदी में पितृसत्तात्मक व्यवहार कहते हैं तो दूसरा प्रचलित शब्द है नेपोटिज्म जिसे हिंदी में भाई-भतीजावाद कहते हैं. मगर सवाल है कि अपनी डेब्यू फिल्म पटाखा में जानदार अभिनय से खूब वाहवाही बटोरनेवाली राधिका मदान 'मर्द को दर्द नहीं होता है' जैसी टाइटल वाली फिल्म में आखिर क्या कर रही हैं? जल्द इस फिल्म में नजर आएंगी राधिका राधिका मदान ने हाल ही में विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘पटाखा’ की थी, जिसमें उन्होंने बेहतरीन एक्टिंग की. इस फिल्म में उनके साथ सान्या मल्होत्रा और सुनील ग्रोवर नजर आए थे. इस जारी किए गए वीडियो में भी राधिका कह रही हैं कि मेरा बॉलीवुड डेब्यू तो हो गया. जिसके बाद वो मार-धाड़ करती हुई नजर आ रही हैं. इतना ही नहीं, ये फिल्म हीरो मटीरियल स्टार किड अभिमन्यु दासानी की ऐसी डेब्यू फिल्म है जिसमें वो एक ज्वाला की तरह फटने के लिए तैयार हैं. राधिका करा रही हैं ‘मर्द को दर्द का अहसास’ अगर आप बेहद गंभीरता से ये सोच रहे हैं कि ये 'लड़की' इस 'मर्द' की कहानी में क्या कर रही है तो आप इस फिल्म का टीजर देखकर खुद ही तय कीजिए कि इसमें कौन अपने मर्दाना अंदाज में लड़ते हुए किसे दर्द का एहसास करा रही है? 'मर्द को दर्द नहीं होता है' का निर्माण किया है आरएसवीपी मूवीज ने और इसका निर्देशन किया है वासन बाला ने. ये फिल्म 21 मार्च को देशभर में रिलीज होगी.
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