भारतीय वायु सेना ने मंगलवार को तड़के सीमापार पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाया जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादी, ट्रेनर्स, टॉप कमांडर और जिहादी मारे गए हैं. इस अभियान में मारे गए आतंकियों में जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का बहनोई युसूफ अजहर शामिल है. विदेश सचिव विजय गोखले ने यह जानकारी एक मीडिया ब्रीफिंग में दी. साथ ही गोखले ने यह भी कहा कि भारत सरकार आतंकवाद रूपी बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है. विदेश सचिव कॉन्फ्रेंस में बताया कि विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि 12 दिन पहले पुलवामा हमले को अंजाम देने के बाद जैश-ए-मोहम्मद भारत में एक और आत्मघाती आतंकी हमला करने की साजिश रच रहा है. #WATCH: Foreign secretary Vijay Gokhale briefs the media in Delhi https://t.co/Th0TjwO99o — ANI (@ANI) February 26, 2019 उन्होंने कहा कि इस जानकारी के बाद सीमा के दूसरी ओर जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी कैंपों पर गैर-सैन्य एकतरफा हमले किए गए. गोखले ने बताया कि भारतीय वायु सेना के मंगलवार सुबह चलाए गए अभियान में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया. इस अभियान में बड़ी संख्या में जैश के आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए. इस शिविर का नेतृत्व मौलाना यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी कर रहा था, जो जैश प्रमुख मसूद अजहर का बहनोई था. उन्होंने कहा कि 'विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि जैश-ए-मोहम्मद भारत में और आत्मघाती आतंकी हमले की साजिश रच रहा था. फिदायीन जिहादियों को इस काम के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा था. ऐसे में हमने यह कार्रवाई की.' गोखले ने कहा कि 'हमने पाक को आतंकी हमले के सबूत कई बार दिए लेकिन पाकिस्तान ने उनपर कोई कार्रवाई नहीं की. यह ऐहतियातन उठाया गया कदम और गैर सैन्य कार्रवाई थी जिसका मकसद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था. हमने जैश ए मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया जो घने जंगल में पहाड़ियों पर थे और नागरिक इलाकों से दूर थे.' उन्होंने कहा कि इन आतंकी शिविरों में इतने बड़े पैमाने पर जेहादियों को प्रशिक्षण देना बिना पाकिस्तान की जानकारी के संभव नहीं था पाकिस्तान को बार-बार इन आतंकी ठिकानों के बारे में जानकारी दी गई और कार्रवाई करने को कहा गया लेकिन वह इंकार करता रहा. विदेश सचिव ने कहा कि आसन्न खतरे को देखते हुए, एकतरफा कार्रवाई ‘बहुत जरूरी’ थी. गोखले ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान अपने 2004 के संकल्प पर अमल करेगा कि वह भारत के खिलाफ आतंकी हमलों के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा. विदेश सचिव ने कहा कि भारत आतंकवाद से निपटने के लिए सभी कदम उठाने को दृढ़तापूर्वक प्रतिबद्ध है. भारत की पाकिस्तान से अपेक्षा है कि वह जैश ए मोहम्मद सहित सभी आतंकी शिविरों को नष्ट करेगा. बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को किए गए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. पाक स्थित आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. भारतीय वायु सेना के इस अभियान के बारे में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत कराया. कुछ घंटे बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति की एक बैठक की अध्यक्षता की. वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बैठक में हिस्सा लिया.
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