केरल के सबरीमाला मंदिर विवाद मामले में नया मोड़ सामने आया है. केरल में सबरीमाला मंदिर का प्रबंधन देखने वाले त्रवनकोर देवासम बोर्ड ने 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश के मामले में अब यू टर्न लिया है. मंदिर बोर्ड ने अपना पूर्व रुख बदलते हुए बीते बुधवार को हर आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन किया है. इस पर बॉलीवुड के मशहूर गीतकार जावेद अखअतर ने कहा-मुझे लगता है कि मुसलमानों में रूढ़िवादी और प्रतिगामी तत्व सबरीमाला मंदिर के बोर्ड से सबक लेने के लिए खड़े हैं. उन्होंने लैंगिक न्याय की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है. क्या हम मुस्लिम समुदाय के महान लोगों से सही दिशा में कम से कम एक कदम की उम्मीद कर सकते हैं. I think the Conservative and reggresive elements in the Muslims stand to take a lesson from the board of Sabrimala temple . They have taken a leap forward towards gender justice . Can we expect at least one step towards the right direction from the Muslim clergy . — Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) February 6, 2019 बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अब किसी भी वर्ग के साथ जैविक बदलाव के आधार पर भेदभाव न किए जाने का वक्त आ गया है. जैविक बदलाव के आधार पर महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता. समानता संविधान का मूल तत्व है. इसके अलावा केरल सरकार ने भी फैसले का समर्थन करते हुए पुनर्विचार याचिकाओं का विरोध किया है. बोर्ड और सरकार की ओर से ये दलीलें सबरीमाला मंदिर में हर आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश देने वाले फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दी गईं. सुप्रीम कोर्ट ने फैसले का पक्ष और विरोध करने वाले सभी लोगों की बहस सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.
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