फिलहाल एक बार फिर सभी को एमएस धोनी की अहमियत समझ आने लगी है. लंबे समय ऑस्ट्रेलियाई जमीं पर अपने पुराने अंदाज में लौटे धोनी चोट के चलते न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा और चौथा वनडे नहीं खेल पाए थे. उनकी गैर मौजूदगी में टीम को चौथे वनडे में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा. इस बड़ी हार के बाद हर किसी को धोनी की कमी खलने लगी है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी तीन मैचों में धोनी ने लगातार तीन अर्धशतक लगाए, जबकि कीवी के खिलाफ दूसरे वनडे में नाबाद 48 रन की पारी खेली. विराट कोहली और धोनी की अनुपस्थिति में टीम को चौथे वनडे में आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा थी. पूरी टीम 92 रन पर ही सिमट गई थी. टीम की ऐसी हालात देखकर हर कोई धोनी को याद करने लगे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में धीमी बल्लेबाजी के कारण आलोचनाओं से घिरे धोनी की टीम में अहमियत को बताते हुए भारत के दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने कहा कि जब टीम लगातार विकेट गंवा रही थी, ऐसे समय में सिर्फ धोनी ही हैं, जो ढहती दीवार को रोक सकते थे. स्टार स्पोट्र्स के बातचीत में गावस्कर ने कहा कि शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के सस्ते में पवेलियन लौटने के बाद अगर मिडिल ऑर्डर में धोनी होते तो वह अपने अनुभव से अपनी पारी को मैनेज कर सकते थे. वह विकेट पर टिककर खेल सकते हैं और आखिर में रन गति को बढ़ाने का गुण भी उनमे हैं.
Friday, 1 February 2019
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बड़ी हार के बाद समझ आई सबको धोनी की अहमियत, गावस्कर बोले उनके होने पर मेजबान नहीं कर पाता ऐसा सफाया
बड़ी हार के बाद समझ आई सबको धोनी की अहमियत, गावस्कर बोले उनके होने पर मेजबान नहीं कर पाता ऐसा सफाया
फिलहाल एक बार फिर सभी को एमएस धोनी की अहमियत समझ आने लगी है. लंबे समय ऑस्ट्रेलियाई जमीं पर अपने पुराने अंदाज में लौटे धोनी चोट के चलते न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा और चौथा वनडे नहीं खेल पाए थे. उनकी गैर मौजूदगी में टीम को चौथे वनडे में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा. इस बड़ी हार के बाद हर किसी को धोनी की कमी खलने लगी है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी तीन मैचों में धोनी ने लगातार तीन अर्धशतक लगाए, जबकि कीवी के खिलाफ दूसरे वनडे में नाबाद 48 रन की पारी खेली. विराट कोहली और धोनी की अनुपस्थिति में टीम को चौथे वनडे में आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा थी. पूरी टीम 92 रन पर ही सिमट गई थी. टीम की ऐसी हालात देखकर हर कोई धोनी को याद करने लगे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में धीमी बल्लेबाजी के कारण आलोचनाओं से घिरे धोनी की टीम में अहमियत को बताते हुए भारत के दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने कहा कि जब टीम लगातार विकेट गंवा रही थी, ऐसे समय में सिर्फ धोनी ही हैं, जो ढहती दीवार को रोक सकते थे. स्टार स्पोट्र्स के बातचीत में गावस्कर ने कहा कि शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के सस्ते में पवेलियन लौटने के बाद अगर मिडिल ऑर्डर में धोनी होते तो वह अपने अनुभव से अपनी पारी को मैनेज कर सकते थे. वह विकेट पर टिककर खेल सकते हैं और आखिर में रन गति को बढ़ाने का गुण भी उनमे हैं.
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