टेस्ट सीरीज को 2-1 से अपने नाम करने का बाद भारतीय टीम ने वनडे सीरीज भी अपने नाम करके ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर इतिहास रच दिया. एडीलेड में दूसरा वनडे जीतने के बाद भारत ने सीरीज 1-1 से बराबर कर दी थी. इसके बाद विराट कोहली की टीम ने मेलबर्न में सात विकेट से जीत हासिल करके सीरीज अपने नाम की. यह जीत भारत के हीरो के कमबैक के तौर पर देखी जा रही है. चमका धोनी का बल्ला भारत की जीत में सबसे अहम रोल महेंद्र सिंह धोनी की वापसी का रहा. सीरीज के तीनों मैचों में अर्धशतक जड़ने वाले धोनी मैन ऑफ द सीरीज रहे. उन्होंने 73.11 के स्ट्राइक रेट से 193 रन बनाए. फैंस के माही एक बार फिर फिनिश्र के रोल में नजर आए. तीनों मैचों में चेज करते हुए उनका बल्ला जमकर बोला. आखिरी के दो वनडे मैचों में धोनी नाबाद रहे और टीम को जीत दिला कर वापस लौटे. धोनी शॉन मार्श के बाद सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर रहे. उनके बाद रोहित शर्मा का नंबर है जिन्होंने 93.43 के औसत से 185 रन बनाए. भुवनेश्वर के स्विंग का कमाल इस सीरीज में एक और खिलाड़ी ने कामयाब कमबैक किया वह थे भुवनेश्वर कुमार. टेस्ट सीरीज में बेंच पर बैठे भुवनेश्वर वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी बन गए. उन्होंने तीनों मैच में मिलाकर 129 रन दिए और आठ विकेट झटके. एडिलेड में हुए दूसरे वनडे में उन्होंने चार विकेट हासिल किए. आए और छा गए चहल और जाधव सीरीज के 1-1 बराबरी होने के बाद सीरीज जीतने के लिए भारत का मेलबर्न वनडे जीतना जरूरी था. टीम तीन बदलावों के साथ उतरी थी. केदार जाधव और युजवेंद्र चहल को सीरीज में पहली बार मौका मिला वही विजय शंकर को डेब्यू का मौका मिला. जाधव और चहल ने आखिरी मैच में जीत की नींव रखी. चहल ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 10 में 42 रन देकर छह विकेट हासिल किए. वह ऑस्ट्रेलिया में छह विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय स्पिनर बने. वहीं पहले दो वनडे में बेंच पर बैठे जाधव ने अर्धशतक जड़कर धोनी के साथ मिलकर टीम को मैच जिताया.
Saturday, 19 January 2019
Ind vs Aus: बेंच पर बैठ खिलाड़ियों के 'कमबैक' ने तय की भारत की जीत की राह
टेस्ट सीरीज को 2-1 से अपने नाम करने का बाद भारतीय टीम ने वनडे सीरीज भी अपने नाम करके ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर इतिहास रच दिया. एडीलेड में दूसरा वनडे जीतने के बाद भारत ने सीरीज 1-1 से बराबर कर दी थी. इसके बाद विराट कोहली की टीम ने मेलबर्न में सात विकेट से जीत हासिल करके सीरीज अपने नाम की. यह जीत भारत के हीरो के कमबैक के तौर पर देखी जा रही है. चमका धोनी का बल्ला भारत की जीत में सबसे अहम रोल महेंद्र सिंह धोनी की वापसी का रहा. सीरीज के तीनों मैचों में अर्धशतक जड़ने वाले धोनी मैन ऑफ द सीरीज रहे. उन्होंने 73.11 के स्ट्राइक रेट से 193 रन बनाए. फैंस के माही एक बार फिर फिनिश्र के रोल में नजर आए. तीनों मैचों में चेज करते हुए उनका बल्ला जमकर बोला. आखिरी के दो वनडे मैचों में धोनी नाबाद रहे और टीम को जीत दिला कर वापस लौटे. धोनी शॉन मार्श के बाद सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर रहे. उनके बाद रोहित शर्मा का नंबर है जिन्होंने 93.43 के औसत से 185 रन बनाए. भुवनेश्वर के स्विंग का कमाल इस सीरीज में एक और खिलाड़ी ने कामयाब कमबैक किया वह थे भुवनेश्वर कुमार. टेस्ट सीरीज में बेंच पर बैठे भुवनेश्वर वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी बन गए. उन्होंने तीनों मैच में मिलाकर 129 रन दिए और आठ विकेट झटके. एडिलेड में हुए दूसरे वनडे में उन्होंने चार विकेट हासिल किए. आए और छा गए चहल और जाधव सीरीज के 1-1 बराबरी होने के बाद सीरीज जीतने के लिए भारत का मेलबर्न वनडे जीतना जरूरी था. टीम तीन बदलावों के साथ उतरी थी. केदार जाधव और युजवेंद्र चहल को सीरीज में पहली बार मौका मिला वही विजय शंकर को डेब्यू का मौका मिला. जाधव और चहल ने आखिरी मैच में जीत की नींव रखी. चहल ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 10 में 42 रन देकर छह विकेट हासिल किए. वह ऑस्ट्रेलिया में छह विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय स्पिनर बने. वहीं पहले दो वनडे में बेंच पर बैठे जाधव ने अर्धशतक जड़कर धोनी के साथ मिलकर टीम को मैच जिताया.
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