कवर्धा में आज भी कई निजी स्कूलों के लिए शिक्षा व्यवसाय नहीं है बल्कि वह समाज को एक नई दिशा देने के लिए चूपचाप अपना काम कर रहे हैं. खासकर उन लड़कियों के लिए जो पैसों के अभाव में प्राइवेट स्कूल नहीं जा पाती हैं.
कवर्धा में आज भी कई निजी स्कूलों के लिए शिक्षा व्यवसाय नहीं है बल्कि वह समाज को एक नई दिशा देने के लिए चूपचाप अपना काम कर रहे हैं. खासकर उन लड़कियों के लिए जो पैसों के अभाव में प्राइवेट स्कूल नहीं जा पाती हैं.
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